एलयू में इंजिनियरिंग फैकल्टी की शुरुआतलखनऊ विश्वविद्यालय (एलयू) ने छात्रों को विभागों के चक्कर न लगाने पड़े, इसके लिए यूनीक आईडी पोर्टल योजना की शुरुआत की। अब छात्रों को इस पोर्टल की सहायता से एक लॉग इन से सारी जानकारी मिलेगी। इसके अलावा शिकायत के लिए भी पोर्टल लॉन्च किया गया। एलयू में इंजिनियरिंग फैकल्टी की भी शुरुआत की गई, जिसकी पहली ही काउंसलिंग में सीटें भी फुल हो गईं। छात्रों को दीक्षांत में सिक्यॉरिटी फीचर वाली डिग्री और मार्कशीट दी गई। वहीं बीएलईडी का नया कोर्स भी सम्बद्ध कॉलेजों में शुरू किया गया।
इंडिया में और पूरी दुनिया में बहुत सारी डाटा एंट्री जॉब्स मौजूद हैं। ऐसी सैंकड़ों कम्पनियां है जो वास्तविक नहीं है और लोगों को धोखा देती हैं, मार्किट में ऐसी कई फ्रॉड कम्पनियां है जिन्हें सिर्फ आपका रजिस्ट्रेशन अमाउंट चाहिए और अगर आप ऐसी किसी कंपनी का मेम्बर बन के उन्हें अपना रजिस्ट्रेशन अमाउंट दे देते हैं, तो इसके बाद ये कम्पनियां आपको कोई रेस्पोंड नहीं देंगी। ध्यान रखिये, किसी भी टाइपिंग जॉब या डाटा एंट्री जॉब के लिए कोई फीस मत दीजिये। गूगल की सहायता से कंपनी की रेप्युटेशन चेक करने के बाद ही कोई निर्णय लें।
किसी भी ऑनलाइन कार्यक्रम में शामिल होने से पहले उसके बारे में आप अच्छी खोज कर लेवें। यदि कोई कंपनी कार्य शुरुआत से पहले संविदा अनुबन्ध के नाम पर पैसो की मांग करती हैं तो सचेत रहें और उस कंपनी के उपभोक्ता रिपोर्टों को भली भाँति जांच लें और कंपनी के बारे में लिखी गई ऑनलाइन टिप्पणियाँ देख लें। बहुत सी ऑनलाइन कंपनियाँ धोखाधड़ी करती हैं और बिना कोई कार्य प्रदान किये बिना आपके कुछ कीमत लेकर आपको जवाब देना बंद कर देती हैं।

ऑनलाइन रहस्यमयी खरीददार बने (mystery shopper): बहुत से लोगो ने असल दुनिया में रहस्यमयी खरीददार के बारे में सुना होगा, लेकिन ऑनलाइन खरीददारी में भी अब यह तेजी से बढ़ने लगा है, जिन्हें ऑनलाइन ख़रीददारी करने के लिए भेजा जाता है। यदि आप इसमें नयी शुरुआत ही कर रहे हैं, तो आपको खरीददारी के लिए लगने वाली कीमत के लिए तैयार रहना होगा, क्षतिपूर्ति के लिए आपका योग्य रहस्यमयी खरीददार होना जरुरी हैं।
मई 2016 में उनकी कोशिशें रंग लाईं और स्टार्टअप को गूगल के एक प्रोग्राम के तहत छह महीने की मेंटरशिप मिली। इडिकुला के लिए यह सपना सच होने जैसा था। उन्हें लगता है कि एक ऑनलाइन वेंचर शुरू करने का फैसला सही था, जहां विज्ञापनों से कमाई की काफी संभावनाएं हैं। ऑनलाइन टेक्नॉलजी-इनेबल्ड एक्सपेरिमेंटल लर्निंग प्लेटफॉर्म टैलंटस्प्रिंट के सीईओ और एमडी शांतनु पॉल बताते हैं कि ऑनलाइन जॉब्स या बिजनस आइडियाज स्टूडेंट्स की स्टडी के एरिया, इंटरेस्ट और एक्सपर्टाइज के हिसाब से उपलब्ध हैं। पॉल के मुताबिक, 'ऑनलाइन काम भारतीय छात्रों के लिए अहम है। जॉब मार्केट में अपनी रोजगार योग्यता और आकर्षण बढ़ाने का अहम जरिया है। इससे आपको अपने पैरों पर खड़ा होने का मौका मिलता है।'
इसलिए मेरा तर्क यह है कि रेलमंत्री प्रचार पर कम ध्यान दें और काम पर ज्यादा. रेल बोर्ड से पूछें कि गरीब और साधारण परिवार के छात्रों को 2,000 किलोमीटर भेजने का क्या तुक है. किस तरह से यह ऑनलाइन परीक्षा है, जिसके लिए किसी को 35 घंटे, तो किसी को 40 घंटे की यात्रा करनी पड़ रही है. बेपरवाही की भी हद होती है. अनगिनत महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि पर ट्वीट करने वाले रेलमंत्री को इन छात्रों की समस्या पर ट्वीट करना चाहिए और समाधान निकालना चाहिए.
यदि आप फोटोग्राफी में अच्छे हैं, या अपने सेल फोन कैमरे के साथ बहुत चालाक हैं, तो आप अपनी तस्वीरों के लिए पैसे कमा सकते हैं। जिस तरह से यह काम करता है वह यह है कि आप एक खाता बनाते हैं और अपनी तस्वीरें नीचे सूचीबद्ध साइटों में से एक पर अपलोड करते हैं। लोग तस्वीरों का उपयोग करने के अधिकार खरीदने के लिए इन साइटों पर आते हैं और आपको डाउनलोड करने के लिए भुगतान किया जाता है। इतना सरल है।
ऑनलाइन सेलर बने, यदि आपके पास कोई प्रोडक्ट है जिसे आप अभी अपनी शॉप पर रखकर बेचते हैं या मार्केट में बेचने जाते हैं तो आप आज के बाद से ही यह प्रोडक्ट ऑनलाइन बेचना शुरू कर दें. क्योंकि इंटरनेट की दुनिया में आपको ग्राहक मिलने की कोई कमी नहीं रहेगी ना ही आपको किसी से कहना पड़ेगा कि आप मेरा प्रोडक्ट खरीद लो, बस आपको एक बार अपने प्रोडक्ट के बारे में बताना होगा उसका एक फोटो देना होगा और अपने हिसाब से कीमत तय करनी होगी.
डोमेन नाम बदलना: डोमेन नाम इंटरनेट जगत के मूल्यवान रियल एस्टेट हैं और कुछ लोग इन्हें बेच और खरीद के अच्छी कीमत कमा रहे हैं। रणनीति के लिए आप गूगल एडवर्ड का इस्तेमाल कर ज्यादा चलन में आ रहे संकेत शब्दों (Keywords) को खोज सकते हैं और अनुमान लगा सकते है कि कौनसे डोमेन नाम की भविष्य में मांग हो सकती हैं। हालाँकि छोटे, रोचक, या सीधे अच्छे डोमेन नाम पहले ही लिए जा चुके हैं, लेकिन फिर भी आप कोई भी आधिवर्णिक (Random acronyms) डोमेन भी ले सकते हैं, जैसे कि कोई नही जानते कि कब किसी व्यक्ति या कंपनी को अपनी वेबसाइट बनाने के लिए उसी नाम की जरूरत हो जाये। (उदहारण के लिए, CPC.com, जो ₹1,20,00000 में बिका था जब कॉन्ट्रैक्ट फार्मास्युटिकल कॉर्पोरेशन ने ऑनलाइन आने का निर्णय लिया।[१] तीन अक्षरो के लिए यह कीमत बुरी नहीं हैं।)
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