यदि आपके पास भी कोई ऐसा टैलेंट है या आपके पास ऐसी कोई प्रतिभा है जिसे आप दुनिया को दिखाना चाहते हैं और आपकी प्रतिभा लोगों के काम को आसान बनाती है तो आप एक YouTube चैनल बना सकते हैं जब आप अपनी वीडियो यूट्यूब पर अपलोड करेंगे तो लोगों को वह पसंद आनी चाहिए. जब आपकी वीडियो पर बहुत सारे व्यूज आने लगेंगे तो आप वीडियो को Google Adsense से कनेक्ट करके YouTube से पैसे कमा सकते है.
एफिलिएट मार्केटिंग – अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसी लगभग हर ई-कॉमर्स कंपनी अपना एफिलिएटेड प्रोग्राम चलाती है। एफिलिएट मार्केटिंग में अपने ब्लॉग, वेबसाइट जैसे ऑनलाइन स्थानों पर विभिन्न प्रकार के प्रोडक्ट्स को प्रमोट करना होता है। ऐसा करने के बाद, जब भी कोई यूजर आपके द्वारा प्रमोट किये गए लिंक पर क्लिक करके कोई प्रोडक्ट खरीदता है तो उस प्रोडक्ट के मूल्य का कुछ प्रतिशत आपको कमीशन के रूप में मिल जाता है|

वेबिनार (webinar) मार्केटिंग करें: यह साधारण ऑनलाइन सेमिनार मार्केटिंग हैं – वहीँ यह असल सेमिनार बनाने से काफी सस्ता हैं और इसे बार बार करने की जरूरत भी नहीं होती हैं। यदि किसी विषय के बारे में आपको लिखने का अधिकार हैं जिनके बारे में लोग आपको कीमत चुका कर सीखना चाहते है, पेशेवर जगह पर आप खुद को विषय के बारे में बताते हुए रिकॉर्ड करे (परंपरागत रूप से किसी कॉन्फ्रेंस कमरे में, जो आपके विषय पर निर्भर करता है) इसे अपनी वेबसाइट पर लगाएँ और विज्ञापन करें।
ग्वालियर के एक छात्र को असम के तेजपुर में सेंटर दिया गया है. बिहार के खगड़िया के छात्र को 1,700 किलोमीटर दूर आंध्र प्रदेश के राजामुंदरी में सेंटर दिया गया है. खगड़िया से एक भी ट्रेन वहां नहीं जाती है. जोधपुर के छात्र को 2,000 किलोमीटर दूर ओडिशा के राउरकेला भेजा गया है. 35 घंटे की यात्रा है और दूरी 2,000 किलोमीटर की. इस छात्र ने रेलमंत्री को ट्वीट किया है कि किसी ट्रेन में टिकट भी नहीं है. बंगाल के छात्र को तमिलनाडु के तिरुनेल्वेली सेंटर दिया गया है. ट्रेन में टिकट नहीं है. पश्चिम बंगाल के छात्र का सेंटर मुंबई दिया गया है. झांसी का छात्र हैदराबाद जाए और पश्चिम बंगाल का पुणे. पटना के मनीष को केरल के एरनाकुलम जाना होगा. जयपुर के छात्र को कोलकाता जाना होगा. गंगासागर के मेले के कारण कोलकाता जाने वाली ट्रेन में टिकट नहीं है. बंगाल के मुर्शिदाबाद का छात्र बेंगलुरू कैसे जाएगा. रेलमंत्री खुद अपनी टाइमलाइन पर यह सब देख सकते हैं.
ऑनलाइन बुक राइटिंग – पहले जहाँ बुक लिखकर पब्लिश करवाना किसी टेढ़ी खीर जैसा मुश्किल लगता था वहीँ आज इंटरनेट के इस दौर में अगर आप अपनी बुक लिखना चाहते हैं तो बिना किसी खर्च के किसी भी ई बुक पब्लिशिंग वेबसाइट पर फ्री में अपनी ई-बुक पब्लिश करके ऑनलाइन बेच सकते हैं। अमेज़न, फ्लिपकार्ट, ईबे जैसी ई-कॉमर्स वेबसाइट पर ई -बुक्स को बड़ी आसानी से बेचा जा सकता है।
आपके द्वारा ऑनलाइन व्यापार पर व्यतीत किये जा सकने वाले समय का मूल्यांकन करें। क्या आप घर में दो बच्चों और माँ के साथ रहते हैं और उनके स्कूल और घर-खर्च का व्यय भी आपको करना पड़ता हैं या आप अकेले ही रहते है? कितना समय आप आपके ऑनलाइन व्यवसाय को दे सकते हैं उसकी पहचान करें और उससे आपकी मासिक वांछित आमदनी से गणना करे। कुछ व्यवसाय विशेष में शुरुआती महीनों अतिरिक्त घण्टे कार्य करना पड़ सकता हैं, जैसे यदि आप ग्राहकों की सूची बना रहे हैं।

ऑनलाइन सामान बेचना – अगर आप किसी प्रोडक्ट को बनाने में महारत रखते हैं और आपको सिर्फ ऐसे प्लेटफार्म की जरुरत है जहाँ आपके प्रोडक्ट को लाखों लोग देख सके और खरीद सके तो इसके लिए आप ई-कॉमर्स वेबसाइट पर ऑनलाइन सेलर के रूप में अपने प्रोडक्ट्स बेच सकते हैं। ऐसा करने पर आप बिना खर्च के, लाखों लोगों तक अपने प्रोडक्ट्स की पहुँच बना पाएंगे और अपने प्रोडक्ट्स को ऑनलाइन बेचकर काफी अच्छा पैसा कमा सकेंगे।
प्राथमिक वार्तालाप के बाद भी ग्राहकों से जुड़े रहें। क्योंकि आप अपने ग्राहकों से आमने सामने नही मिल पा रहे हैं, अतः प्राथमिक बातचीत के बाद आपको उनसे लगातार जुड़े रहना चाहिए (लेकिन यह उनके लिए परेशानी का सबब भी नही बनना चाहिए)। ग्राहक के साथ शुरूआती वार्तालाप के कुछ समय पश्चात आप उन्हें इस वार्तालाप के बारे में याद दिलाने के लिए धन्यवाद ईमेल लिख सकते है, साथ ही उन्हें अतिरिक्त सवाल पुछने के लिए भी कह सकते हैं साथ ही आपके संभावित ग्राहक को आपके द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवा के बारे में अपने उत्साह को बता सकते है।
डोमेन नाम बदलना: डोमेन नाम इंटरनेट जगत के मूल्यवान रियल एस्टेट हैं और कुछ लोग इन्हें बेच और खरीद के अच्छी कीमत कमा रहे हैं। रणनीति के लिए आप गूगल एडवर्ड का इस्तेमाल कर ज्यादा चलन में आ रहे संकेत शब्दों (Keywords) को खोज सकते हैं और अनुमान लगा सकते है कि कौनसे डोमेन नाम की भविष्य में मांग हो सकती हैं। हालाँकि छोटे, रोचक, या सीधे अच्छे डोमेन नाम पहले ही लिए जा चुके हैं, लेकिन फिर भी आप कोई भी आधिवर्णिक (Random acronyms) डोमेन भी ले सकते हैं, जैसे कि कोई नही जानते कि कब किसी व्यक्ति या कंपनी को अपनी वेबसाइट बनाने के लिए उसी नाम की जरूरत हो जाये। (उदहारण के लिए, CPC.com, जो ₹1,20,00000 में बिका था जब कॉन्ट्रैक्ट फार्मास्युटिकल कॉर्पोरेशन ने ऑनलाइन आने का निर्णय लिया।[१] तीन अक्षरो के लिए यह कीमत बुरी नहीं हैं।)
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