पिछले साल रेलवे ने 64,317 पदों की वेकेंसी निकाली थी, जिसकी पहली परीक्षा अगस्त, 2018 में हुई. 31 मार्च तक फार्म भरे गए थे. 47 लाख से अधिक छात्रों ने फार्म भरे थे. इन सबका सेंटर अचानक 1,500-2,000 किलोमीटर दूर दे दिया गया. किसी को ट्रेन में रिज़र्वेशन नहीं मिला, तो किसी के पास टिकट के पैसे नहीं थे. किसी तरह इम्तिहान देने पहुंचे, तो रात प्लेटफार्म पर गुज़ारी. बहुत से छात्रों का इम्तिहान इसलिए छूट गया कि उनकी ट्रेन लेट हो गई. छात्र चिल्लाते रहे, रोते रहे, रेलमंत्री को ट्वीट करते रहे, मगर किसी को कुछ फर्क नहीं पड़ा.

एलयू में इंजिनियरिंग फैकल्टी की शुरुआतलखनऊ विश्वविद्यालय (एलयू) ने छात्रों को विभागों के चक्कर न लगाने पड़े, इसके लिए यूनीक आईडी पोर्टल योजना की शुरुआत की। अब छात्रों को इस पोर्टल की सहायता से एक लॉग इन से सारी जानकारी मिलेगी। इसके अलावा शिकायत के लिए भी पोर्टल लॉन्च किया गया। एलयू में इंजिनियरिंग फैकल्टी की भी शुरुआत की गई, जिसकी पहली ही काउंसलिंग में सीटें भी फुल हो गईं। छात्रों को दीक्षांत में सिक्यॉरिटी फीचर वाली डिग्री और मार्कशीट दी गई। वहीं बीएलईडी का नया कोर्स भी सम्बद्ध कॉलेजों में शुरू किया गया।

ईएमआई शायद हमारी मासिक आय में से सबसे महत्वपूर्ण बहिर्वाह में से एक है और बोझ को कम करने के लिए हमेशा एक अच्छा विचार है! लेकिन पहले, क्या वास्तव में एक ईएमआई है? ईएमआई का मतलब इक्विटेड मंथली इंस्टालमेंट है। यह एक निश्चित राशि है जिसे आपको अपने बैंक / ऋणदाता को अपनी ऋण अवधि के पूरे कार्यकाल के लिए हर महीने, एक निश्चित तिथि पर भुगतान करना होगा, जब तक कि आपने देय ब्याज के साथ ऋण पूरी तरह से चुका नहीं दिया है। ऋण किसी भी उद्देश्य के लिए हो सकता है - आवास, ऑटो, सोना या व्यक्तिगत ऋण।
तीन साल पहले ग्रैजुएशन करने के दौरान पुणे में रहने वाले गौरव जाजू ने घर पर ही बच्चों को साइंस पढ़ाना शुरू किया ताकि कुछ पैसे कमाए जा सकें। इस एक्सपीरियंस से उन्हें मदद मिली। अब फार्मेसी में मास्टर डिग्री ले रहे जाजू खाली वक्त में स्टूडेंट्स के लिए ऑनलाइन लेक्चर चलाते हैं। वह एक साइट पर रजिस्टर्ड हैं, जिसके जरिए उन्हें स्टूडेंट्स मिलते हैं और उनके पैरंट्स पढ़ाई के बारे में उनसे संपर्क कर सकते हैं। इससे न केवल उन्हें अहम टीचिंग एक्सपीरियंस मिल रहा है, बल्कि वह हर महीने 15,000 रुपये तक की कमाई भी कर लेते हैं।
एप्प बेचें: करोड़ो लोगो के इस व्यापार स्थान में, ₹50-100 प्रति बिक्री भी आपकी कमाई को बहुत ऊपर तक ले जा सकती हैं। यदि आपके पास कोई शानदार विचार हैं लेकिन आप प्रोग्रामिंग के बारे में नही जानते, तो काम के लिए प्रोग्रामर को किराये पर रखना भी एक अच्छा विकल्प हैं। समान तरह की एप्प के बारे में भी खोजे और समीक्षा करें, और आपके प्रतिद्वंधियो से एक कदम आगे रहने के रास्ते खोजें, और जिन मोबाइल डिवाइस को आप एप्प बेचने जा रहे हैं उनकी कंपनी के नियमो का पालन करें।
ऑनलाइन सर्वे भी ऑनलाइन पैसे कमाने का एक बहुत अच तरीका है। ऑनलाइन सर्वे में कम्पनियां अपने प्रोडक्ट के बारे में तथा अपनी सर्विस के बारे में आपका विचार जानने की कोशिश करती हैं, ताकि इसकी मदद से वो अपनी सेल्स को बाधा सकें। ऐसी कई मल्टीनेशनल कम्पनीज में Sign Up कर सकते हैं जो ऑनलाइन सर्वे की सुविधा दे रही हैं। एक बार ऑनलाइन कंपनी के सर्वे से जुड़ने के बाद कंपनी आपके ईमेल में सर्वे भेजेगी। कंपनी द्वारा दिए गए सर्वे को पूरा करने के बाद आप अपने पैसे कंपनी से ले सकते हैं। सिर्फ कुछ ही कंपनियां ऐसी हैं जो सर्वे की सुविधा देती हैं और उनके पैसे देती हैं। ऑनलाइन सर्च करने पर आपको ऐसी हजारों सर्वे साइट्स मिल जाएंगी, जो वास्तविक नहीं हैं, ऐसी साइट्स आपको रजिस्ट्रेशन अम्मौंत देने को कहेंगी।

कई पेशेवर ऑनलाइन लोग हैं जो अपनी छुट्टी छोड़ कर साझा कर सकते हैं पैसे ऑनलाइन बनाने के तरीके अन्य लोगों के लिए, विशेष रूप से आम जनता जो माताओं को जोड़ती है ऐसी कई महिलाएं हैं जो काम करने वाली माताओं बनना चाहती हैं क्योंकि वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वे अपने बच्चों के लिए मुकाबला करने में सक्षम हैं। ऐसे कुछ विकल्प हैं जो उनके लिए उपलब्ध हैं, जैसे लेखन और उसी समय लेखों और ब्लॉग पोस्टों के संपादन में।

एलयू में इंजिनियरिंग फैकल्टी की शुरुआतलखनऊ विश्वविद्यालय (एलयू) ने छात्रों को विभागों के चक्कर न लगाने पड़े, इसके लिए यूनीक आईडी पोर्टल योजना की शुरुआत की। अब छात्रों को इस पोर्टल की सहायता से एक लॉग इन से सारी जानकारी मिलेगी। इसके अलावा शिकायत के लिए भी पोर्टल लॉन्च किया गया। एलयू में इंजिनियरिंग फैकल्टी की भी शुरुआत की गई, जिसकी पहली ही काउंसलिंग में सीटें भी फुल हो गईं। छात्रों को दीक्षांत में सिक्यॉरिटी फीचर वाली डिग्री और मार्कशीट दी गई। वहीं बीएलईडी का नया कोर्स भी सम्बद्ध कॉलेजों में शुरू किया गया।
इसलिए मेरा तर्क यह है कि रेलमंत्री प्रचार पर कम ध्यान दें और काम पर ज्यादा. रेल बोर्ड से पूछें कि गरीब और साधारण परिवार के छात्रों को 2,000 किलोमीटर भेजने का क्या तुक है. किस तरह से यह ऑनलाइन परीक्षा है, जिसके लिए किसी को 35 घंटे, तो किसी को 40 घंटे की यात्रा करनी पड़ रही है. बेपरवाही की भी हद होती है. अनगिनत महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि पर ट्वीट करने वाले रेलमंत्री को इन छात्रों की समस्या पर ट्वीट करना चाहिए और समाधान निकालना चाहिए.
वेबिनार (webinar) मार्केटिंग करें: यह साधारण ऑनलाइन सेमिनार मार्केटिंग हैं – वहीँ यह असल सेमिनार बनाने से काफी सस्ता हैं और इसे बार बार करने की जरूरत भी नहीं होती हैं। यदि किसी विषय के बारे में आपको लिखने का अधिकार हैं जिनके बारे में लोग आपको कीमत चुका कर सीखना चाहते है, पेशेवर जगह पर आप खुद को विषय के बारे में बताते हुए रिकॉर्ड करे (परंपरागत रूप से किसी कॉन्फ्रेंस कमरे में, जो आपके विषय पर निर्भर करता है) इसे अपनी वेबसाइट पर लगाएँ और विज्ञापन करें।
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