एफिलिएट मार्केटिंग – अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसी लगभग हर ई-कॉमर्स कंपनी अपना एफिलिएटेड प्रोग्राम चलाती है। एफिलिएट मार्केटिंग में अपने ब्लॉग, वेबसाइट जैसे ऑनलाइन स्थानों पर विभिन्न प्रकार के प्रोडक्ट्स को प्रमोट करना होता है। ऐसा करने के बाद, जब भी कोई यूजर आपके द्वारा प्रमोट किये गए लिंक पर क्लिक करके कोई प्रोडक्ट खरीदता है तो उस प्रोडक्ट के मूल्य का कुछ प्रतिशत आपको कमीशन के रूप में मिल जाता है|
बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर विवि (बीबीएयू) में वीसी प्रो. आरसी सोबती का ड्रीम प्रॉजेक्ट आंबेडकर भवन का निर्माण कार्य तीन साल के बाद पूरा हुआ। साथ ही कई साल से खाली पड़े पदों पर भर्तियां भी करवाई गईं। छात्रों को वाई-फाई की सुविधा भी इसी साल मिली। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) में इस साल से छात्रों की शिकायत के निवारण के लिए कॉल सेंटर बनाने पर मुहर लगी। ऐसे में यह यूपी का पहला विवि भी बना जहां छात्रों की शिकायतों के लिए कॉल सेंटर बनाया गया। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती अरबी-फारसी विश्वविद्यालय में जहां इस साल नए वीसी आए तो वहीं पीएचडी के दाखिलों को भी हरी झंडी मिली। इसी साल यहां की कार्यपरिषद भी शुरू हुई।

लेख बेचें: बहुत सारे छोटे व्यवसाय, वेबसाइट, और व्यापारी अच्छे लेख और आसान संकेतशब्द के साथ लिखे हुए लेख खोजते हैं जिनसे उनको ज्यादा ट्रैफिक मिल सकें। हालाँकि शुरुआत में आप इससे ज्यादा नहीं कमा पाएँगे, सारे लेख मुख्यतः 200-300 शब्दों के होंगे जिन्हें जल्दी से लिखा जा सकता हैं। एक बार आप खुद को साबित कर देंगे तत्पश्चात आप अपनी सेवाओं के लिए ज्यादा कीमत की मांग भी कर सकते है। यदि आप कुशल और अनुभवी लेखक है, तो आप अपने कार्यो को आधिकारिक प्रकाशन को भी दे सकते है।


जब आपके पास एक वेबसाइट है जो विशेष वस्तुओं की समीक्षा करता है, तो आप उन चीज़ों पर पैसा बनाने के लिए क्लिकबैंक का लाभ ले सकते हैं जो आप करते हैं क्लिकबैंक का उपयोग करके उन वस्तुओं की समीक्षा देकर, जिन्हें आप क्लिकबैंक का उपयोग करना चाहते हैं, आप लोगों के लिए जगह बना रहे हैं ताकि वे यह जान सकें कि उनका पैसा कैसे खर्च किया जाना चाहिए। इस रणनीति में सफलता की कुंजी, वास्तविक समीक्षाएं तैयार कर रही है जो पाठकों के साथ विश्वास पैदा कर सकती है।
भारत दुनिया का अनोखा देश हैं, जहां रेलवे की ऑनलाइन परीक्षा देने के लिए किसी को 26 घंटे की रेलयात्रा करनी पड़ती है. इस महीने 21, 22 और 23 जनवरी को सहायक लोको पायलट और टेक्नीशियन के 64,317 पदों के लिए दूसरे चरण की परीक्षा होनी है. 10 दिन पहले छात्रों के सेंटरों की लिस्ट जारी की गई है. छात्रों के सेंटर 1,500 से 2,000 किलोमीटर दूर दिए गए हैं. प्रधानमंत्री के ट्वीट को री-ट्वीट करने में व्यस्त रेलमंत्री को अपनी ही टाइमलाइन पर आ रहे ऐसे अनेक मैसेजों को नोट करना चाहिए और समाधान करना चाहिए. बहुत से साधारण और किसान परिवारों के छात्रों के सामने संकट आ गया है कि इम्तिहान देने के लिए वे 10,000-20,000 रुपये कहां से ख़र्च करें.

प्रतियोगिताओं में भाग लें: हालाँकि इसमें आपको जीते बिना पैसे नही मिलंगे। आपके कार्यक्षेत्र जैसे फोटोग्राफी, लोगो बनाना, बैकग्राउंड निर्माण में मौजूद "मुफ्त" प्रतिगिताओं की खोज करें और आपकी प्रतियों को ज्यादा से ज्यादा जगहों पर सबमिट करें। यह सब करने में एक पूरा दिन भी लग सकता हैं, लेकिन उनमें से कुछ सफल भी हो सकते है (या, शायद, बहुत सारे भी)। इससे मिलने वाला अनुभव आपको अन्य नए रचनात्मक रास्तो की खोज भी करा सकता है।
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