कई कंपनियां डेटा एंट्री ट्रांसक्रिप्ट या ऑडियो डेटा लिखने जैसे कार्यों को आउटसोर्स करना चाहती हैं। यह उतना ही सरल है जितना कि आप उन्हें फाइलें भेजते हैं, और आप उनके सॉफ्टवेयर का उपयोग करके डेटा दर्ज करते हैं, या ऑडियो क्लिप को नोट करते हैं। छात्रों के लिए निवेश के बिना ऑनलाइन डेटा प्रविष्टि नौकरियां ऑनलाइन पैसे कमाने का सबसे आसान और सबसे किफायती तरीका है।
कमाई के मौकों में ब्लॉगिंग, ट्यूटरिंग, रिसर्च, सर्वे, डिजिटल मार्केटिंग, वेबसाइट डिवेलपमेंट, डिजाइनिंग, फोटो एडिटिंग ऐंड सेलिंग जैसी चीजें शामिल हैं। आउटसोर्सिंग और स्टाफिंग फर्म टीमलीज सर्विसेज की सीनियर वीपी (एचआर) नीति शर्मा के मुताबिक, 'आपको अपनी स्किल, नॉलेज और ऐप्टिट्यूड के मुताबिक सही नौकरी चुननी चाहिए। यह ध्यान रखें कि आप आज जो कर रहे हैं वह शिक्षा पूरी होने के बाद आपके करियर और जीवन को आकार देगा।'
एक ब्लॉग शुरू करने के तरीके के साथ ऑनलाइन बनाने की पहली रणनीति है Clickbank। आमतौर पर लोगों को बाजार में उपलब्ध कराई गई सबसे बड़ी और नवीनतम चीजों के बारे में नवीनतम जानकारी प्राप्त करने के लिए ब्लॉगों से परामर्श करना होगा। जब आप अपने ब्लॉग पर मजबूत जुनून और ऊर्जावान स्वर को उगलते हैं, तो आपके पास ऐसे अनुयायी होते हैं जो हमेशा उन चीज़ों पर विचार करते हैं जिन्हें आप खरीदने के योग्य होने की सलाह देते हैं
अगस्त, 2018 में खुद रेलमंत्री पीयूष गोयल ने ही ट्वीट किया था कि 74 फीसदी छात्र परीक्षा में शामिल हुए. यानी 47.56 लाख छात्रों में से 26 प्रतिशत परीक्षा देने से वंचित रह गए. इस तरह बिना इम्तिहान दिए ही 12 लाख से अधिक छात्र बाहर हो गए. जब पहले चरण की परीक्षा का रिज़ल्ट आया, तो 12 लाख छात्र ही दूसरे चरण के लिए चुने गए. अब जब संख्या छोटी हो गई, तो इनके सेंटर तो राज्य के भीतर दिए जा सकते थे. अगर नकल गिरोह से बचाने का तर्क है, तो यह बेतुका है, क्योंकि आजकल ऐसे गिरोह अखिल भारतीय स्तर पर चल रहे हैं, इसलिए सरकार को अपने सेंटर की निगरानी बेहतर करनी चाहिए, न कि छात्रों को 2,000 किलोमीटर दूर भेजकर परेशान करना चाहिए.

इसलिए मेरा तर्क यह है कि रेलमंत्री प्रचार पर कम ध्यान दें और काम पर ज्यादा. रेल बोर्ड से पूछें कि गरीब और साधारण परिवार के छात्रों को 2,000 किलोमीटर भेजने का क्या तुक है. किस तरह से यह ऑनलाइन परीक्षा है, जिसके लिए किसी को 35 घंटे, तो किसी को 40 घंटे की यात्रा करनी पड़ रही है. बेपरवाही की भी हद होती है. अनगिनत महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि पर ट्वीट करने वाले रेलमंत्री को इन छात्रों की समस्या पर ट्वीट करना चाहिए और समाधान निकालना चाहिए.


एजुकेशन के लिए साल 2017 खास बदलावों के नाम रहा। शिक्षा विभाग से लेकर शहर के विभिन्न शैक्षिक संस्थानों में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए काफी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। माध्यमिक शिक्षा विभाग में ऑनलाइन केंद्र बनाने का निर्णय लिया गया तो सारी प्रतियोगी परीक्षाओं में आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया। वहीं छात्रों की शिकायत के निस्तारण के लिए विशेष कॉल सेंटर खोलने पर भी मुहर लगाई गई। इस साल 2017 में शिक्षा में बदलाव के लिए हुए प्रयासों पर विशेष रिपोर्ट:
भारत दुनिया का अनोखा देश हैं, जहां रेलवे की ऑनलाइन परीक्षा देने के लिए किसी को 26 घंटे की रेलयात्रा करनी पड़ती है. इस महीने 21, 22 और 23 जनवरी को सहायक लोको पायलट और टेक्नीशियन के 64,317 पदों के लिए दूसरे चरण की परीक्षा होनी है. 10 दिन पहले छात्रों के सेंटरों की लिस्ट जारी की गई है. छात्रों के सेंटर 1,500 से 2,000 किलोमीटर दूर दिए गए हैं. प्रधानमंत्री के ट्वीट को री-ट्वीट करने में व्यस्त रेलमंत्री को अपनी ही टाइमलाइन पर आ रहे ऐसे अनेक मैसेजों को नोट करना चाहिए और समाधान करना चाहिए. बहुत से साधारण और किसान परिवारों के छात्रों के सामने संकट आ गया है कि इम्तिहान देने के लिए वे 10,000-20,000 रुपये कहां से ख़र्च करें.
शिक्षा माफियों की पैठ और फर्जी कक्ष निरीक्षकों की तैनाती पर लगाम लगाने के लिए माध्यमिक शिक्षा की ओर से इस साल ऑनलाइन केंद्र बनाने का नया प्रयोग किया गया। वहीं सीबीएसई बोर्ड ने भी पारदर्शिता लाने के लिए हाई स्कूल के होम एग्जाम इसी साल से समाप्त कर दिए। अब हाईस्कूल में भी बोर्ड एग्जाम ही होंगे। इससे स्कूलों की ओर से किए जा रहे फर्जीवाड़े पर लगाम लगी। इसके अलावा सीआईएससीई बोर्ड ने इस बार मार्किंग का पैटर्न बदल दिया। ऐसे में 33 की जगह पासिंग मार्क्स अब 35 कर दिए हैं। सारी प्रतियोगी परीक्षाओं में आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया।
प्राथमिक वार्तालाप के बाद भी ग्राहकों से जुड़े रहें। क्योंकि आप अपने ग्राहकों से आमने सामने नही मिल पा रहे हैं, अतः प्राथमिक बातचीत के बाद आपको उनसे लगातार जुड़े रहना चाहिए (लेकिन यह उनके लिए परेशानी का सबब भी नही बनना चाहिए)। ग्राहक के साथ शुरूआती वार्तालाप के कुछ समय पश्चात आप उन्हें इस वार्तालाप के बारे में याद दिलाने के लिए धन्यवाद ईमेल लिख सकते है, साथ ही उन्हें अतिरिक्त सवाल पुछने के लिए भी कह सकते हैं साथ ही आपके संभावित ग्राहक को आपके द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवा के बारे में अपने उत्साह को बता सकते है।
ऐसे बहुत से लोग हैं जो लिखने में रूचि रखते हैं, यह ऑनलाइन जॉब उनके लिए है जिनकी रूचि लिखने में है। इस समय ऑनलाइन राइटिंग जॉब्स बहुत पोपुलर हो रही हैं। इन्टरनेट की हर वेबसाइट को अपडेट करने के लिए लगातार कंटेंट की ज़रूरत होती है। प्रत्येक आर्टिकल के लिए आपको 250 रूपए से 1000 रूपए मिल सकते हैं, आपके आर्टिकल की लम्बाई पर निर्भर करता है की आपको लिखे गये कंटेंट के कितने पैसे मिलेंगे। ऐसी कई साइट्स हैं जहाँ आप ऑनलाइन राइटिंग जॉब्स ढूंढ सकते हैं , अगर आपको इस जॉब के बारे में अधिक जानकारी नहीं है तो और आप सीखना चाहते हैं तो आप ब्लॉग को भी फॉलो कर सकते हैं। अगर आप लिखने में अच्छे हैं तो आप घर बैठे इस जॉब को करके पैसा कमा सकते हैं।
एक काल्पनिक स्टोर बनाएँ: मानें या ना मानें, बहुत से विक्रेता अपने ऑनलाइन खेलों के माध्यम से काल्पनिक चीजें बेच कर असली दुनिया का पैसा बना रहे हैं। आप खुद का अवतार बना कर और दुकान बनाने के बाद, आप दूसरे खिलाड़ियों को सामान बेच सकते है (या केवल आपके असल जीनव व्यवसाय के विज्ञापन दिखा सकते है)। हालाँकि इसके लिए आपको पहले ऐसा खेल खोजना होगा जो इसकी अनुमति देता हैं और दुकान लगाने का खर्च भी वहन करती हैं, लेकिन एक बार यह सब सेट हो जायें, तब आपकी पहुँच विभिन्न उम्र वर्ग और बहुत सारे देशों के लोगो तक हो जायेगी। MMOPGs (बड़े पैमाने पर, मल्टीप्लेयर ऑनलाइन भूमिका निभाने वाले खेल) यह करने के लिए सबसे बेहतर विकल्प हैं।

यद्यपि वैश्विक बाजार इतनी ऊचाईयों पर भी नहीं पहुँचा है कि लोग अपने कार्यालय पहुँचने के लिए निजी छोटे स्पेसशिप का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन हाँ इसमें इतना परिवर्तन जरूर आ गया हैं कि कर्मचारियों को अपने स्वयं के कंप्यूटर और घर के आराम को नही छोड़ना पड़ता हैं। नीचे आप ऑनलाइन पैसे कमाने के तरीके और ऑनलाइन विश्व में सफलता प्राप्त करने के लिए जरुरी सामान्य सलाहें देखेंगे।
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