एफिलिएट मार्केटिंग – अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसी लगभग हर ई-कॉमर्स कंपनी अपना एफिलिएटेड प्रोग्राम चलाती है। एफिलिएट मार्केटिंग में अपने ब्लॉग, वेबसाइट जैसे ऑनलाइन स्थानों पर विभिन्न प्रकार के प्रोडक्ट्स को प्रमोट करना होता है। ऐसा करने के बाद, जब भी कोई यूजर आपके द्वारा प्रमोट किये गए लिंक पर क्लिक करके कोई प्रोडक्ट खरीदता है तो उस प्रोडक्ट के मूल्य का कुछ प्रतिशत आपको कमीशन के रूप में मिल जाता है|
आज कल ऑनलाइन पढ़ाने का ट्रेंड जोरों पर है. यदि आप भी पढ़ाने का शौक रखते हैं और खाली समय या फिर प्रोफेशनली ऐसा कर सकते हैं तो ऑनलाइन कोचिंग सेंटर खोला जा सकता है. इसके जरिए स्टूडेंट को पढ़ाने से लेकर पैरेंट्स के सवालों तक सभी कुछ ऑनलाइन सजेस्ट कर सकते हैं. इसके लिए ट्रेनिंग कोर्स इंटरनेट पर मौजूद है. इस बारे में पता करें और घर बठे ऑनलाइन पढ़ाकर पैसा कमाएं.
आज आसानी से पैसे कमाने का सबसे उत्तम तरीका है, अमेज़न पर उपलब्ध डील्स और उत्पादों की जानकारी दूसरों तक पहुँचाना। यहाँ हम आपको सिखाएंगे की कैसे आप अमेज़न एफिलिएट बनकर पैसा कमा सकते है। इसका फायदा ये है कि कोई भी पैसे कमा सकता है। चाहे आप छात्र हो जिसको पॉकेट मनी की जरूरत है, या गृहणी हो जिसको पैसे कमाने का ज़रिया चाहिए, अगर आप पैसा कमाना चाहते हैं, तो कमायेंगे।
एक काल्पनिक स्टोर बनाएँ: मानें या ना मानें, बहुत से विक्रेता अपने ऑनलाइन खेलों के माध्यम से काल्पनिक चीजें बेच कर असली दुनिया का पैसा बना रहे हैं। आप खुद का अवतार बना कर और दुकान बनाने के बाद, आप दूसरे खिलाड़ियों को सामान बेच सकते है (या केवल आपके असल जीनव व्यवसाय के विज्ञापन दिखा सकते है)। हालाँकि इसके लिए आपको पहले ऐसा खेल खोजना होगा जो इसकी अनुमति देता हैं और दुकान लगाने का खर्च भी वहन करती हैं, लेकिन एक बार यह सब सेट हो जायें, तब आपकी पहुँच विभिन्न उम्र वर्ग और बहुत सारे देशों के लोगो तक हो जायेगी। MMOPGs (बड़े पैमाने पर, मल्टीप्लेयर ऑनलाइन भूमिका निभाने वाले खेल) यह करने के लिए सबसे बेहतर विकल्प हैं।
हाल ही में रेलमंत्री ने अपने ट्विटर हैंडल पर रोज़गार से संबंधित एक प्रचार वीडियो जारी किया, जिसकी भाषा से लगता है कि रेलवे ने एक लाख लोगों को रोज़गार दे ही दिया है. सहायक लोको पायलट और टेक्नीशियन के लिए फॉर्म भरने की अंतिम तारीख 31 मार्च, 2018 थी. इसके चार महीने बाद 9 से 13 अगस्त, 2018 के बीच पहली परीक्षा होती है. इस परीक्षा का रिज़ल्ट निकलता है 20 दिसंबर, 2018 को, यानी साढ़े तीन महीने बाद. अब दूसरे चरण की परीक्षा 21, 22, 23 जनवरी, 2019 को होगी. अगर साढ़े तीन महीने का औसत निकालें, तो रिज़ल्ट आते-आते मई, 2019 हो जाएगा. उस समय देश में लोकसभा का चुनाव हो रहा होगा. मई 2019 में रिज़ल्ट आ भी जाएगा, तो अभी मनोवैज्ञानिक और मेडिकल जांच बाकी है. उसके बाद दस्तावेज़ का सत्यापन होगा. कुल मिलाकर अगस्त, 2019 से पहले अंतिम रिज़ल्ट आने की संभावना नहीं है. इनकी ज्वाइनिंग कब होगी, यह तो रेलमंत्री ही जानें. बशर्ते, उन्हें यही पता हो कि अगली बार भी वही रेलमंत्री बनेंगे या नहीं.

तीन साल पहले ग्रैजुएशन करने के दौरान पुणे में रहने वाले गौरव जाजू ने घर पर ही बच्चों को साइंस पढ़ाना शुरू किया ताकि कुछ पैसे कमाए जा सकें। इस एक्सपीरियंस से उन्हें मदद मिली। अब फार्मेसी में मास्टर डिग्री ले रहे जाजू खाली वक्त में स्टूडेंट्स के लिए ऑनलाइन लेक्चर चलाते हैं। वह एक साइट पर रजिस्टर्ड हैं, जिसके जरिए उन्हें स्टूडेंट्स मिलते हैं और उनके पैरंट्स पढ़ाई के बारे में उनसे संपर्क कर सकते हैं। इससे न केवल उन्हें अहम टीचिंग एक्सपीरियंस मिल रहा है, बल्कि वह हर महीने 15,000 रुपये तक की कमाई भी कर लेते हैं।


प्राथमिक वार्तालाप के बाद भी ग्राहकों से जुड़े रहें। क्योंकि आप अपने ग्राहकों से आमने सामने नही मिल पा रहे हैं, अतः प्राथमिक बातचीत के बाद आपको उनसे लगातार जुड़े रहना चाहिए (लेकिन यह उनके लिए परेशानी का सबब भी नही बनना चाहिए)। ग्राहक के साथ शुरूआती वार्तालाप के कुछ समय पश्चात आप उन्हें इस वार्तालाप के बारे में याद दिलाने के लिए धन्यवाद ईमेल लिख सकते है, साथ ही उन्हें अतिरिक्त सवाल पुछने के लिए भी कह सकते हैं साथ ही आपके संभावित ग्राहक को आपके द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवा के बारे में अपने उत्साह को बता सकते है।
डोमेन नाम बदलना: डोमेन नाम इंटरनेट जगत के मूल्यवान रियल एस्टेट हैं और कुछ लोग इन्हें बेच और खरीद के अच्छी कीमत कमा रहे हैं। रणनीति के लिए आप गूगल एडवर्ड का इस्तेमाल कर ज्यादा चलन में आ रहे संकेत शब्दों (Keywords) को खोज सकते हैं और अनुमान लगा सकते है कि कौनसे डोमेन नाम की भविष्य में मांग हो सकती हैं। हालाँकि छोटे, रोचक, या सीधे अच्छे डोमेन नाम पहले ही लिए जा चुके हैं, लेकिन फिर भी आप कोई भी आधिवर्णिक (Random acronyms) डोमेन भी ले सकते हैं, जैसे कि कोई नही जानते कि कब किसी व्यक्ति या कंपनी को अपनी वेबसाइट बनाने के लिए उसी नाम की जरूरत हो जाये। (उदहारण के लिए, CPC.com, जो ₹1,20,00000 में बिका था जब कॉन्ट्रैक्ट फार्मास्युटिकल कॉर्पोरेशन ने ऑनलाइन आने का निर्णय लिया।[१] तीन अक्षरो के लिए यह कीमत बुरी नहीं हैं।)
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