लेख बेचें: बहुत सारे छोटे व्यवसाय, वेबसाइट, और व्यापारी अच्छे लेख और आसान संकेतशब्द के साथ लिखे हुए लेख खोजते हैं जिनसे उनको ज्यादा ट्रैफिक मिल सकें। हालाँकि शुरुआत में आप इससे ज्यादा नहीं कमा पाएँगे, सारे लेख मुख्यतः 200-300 शब्दों के होंगे जिन्हें जल्दी से लिखा जा सकता हैं। एक बार आप खुद को साबित कर देंगे तत्पश्चात आप अपनी सेवाओं के लिए ज्यादा कीमत की मांग भी कर सकते है। यदि आप कुशल और अनुभवी लेखक है, तो आप अपने कार्यो को आधिकारिक प्रकाशन को भी दे सकते है।
बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर विवि (बीबीएयू) में वीसी प्रो. आरसी सोबती का ड्रीम प्रॉजेक्ट आंबेडकर भवन का निर्माण कार्य तीन साल के बाद पूरा हुआ। साथ ही कई साल से खाली पड़े पदों पर भर्तियां भी करवाई गईं। छात्रों को वाई-फाई की सुविधा भी इसी साल मिली। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) में इस साल से छात्रों की शिकायत के निवारण के लिए कॉल सेंटर बनाने पर मुहर लगी। ऐसे में यह यूपी का पहला विवि भी बना जहां छात्रों की शिकायतों के लिए कॉल सेंटर बनाया गया। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती अरबी-फारसी विश्वविद्यालय में जहां इस साल नए वीसी आए तो वहीं पीएचडी के दाखिलों को भी हरी झंडी मिली। इसी साल यहां की कार्यपरिषद भी शुरू हुई।
फ्रीलैंसिंग का मतलब  अपने क्लाइंट को सर्विस प्रोवाइड करना होता है। आप फ्रीलांसर बनकर दूसरों को सर्विस प्रोवाइड कर सकते हैं, जैसे आपके पास जो भी स्पेशल स्किल हो वेब डिजाइनिंग, विडियो मेकिंग आदि कुछ भी हो आप अपनी स्किल के जरिये दूसरों को दे सकते हैं और इस से आप काफी पैसा भी घर बैठे कमा सकते हैं। फ्रीलैंसिंग उन अच्छी ऑनलाइन जॉब्स में से एक है जिस पर आप अपनी शर्तों पर काम करके खूब पैसा कमा सकते हैं।
जब आपके पास एक वेबसाइट है जो विशेष वस्तुओं की समीक्षा करता है, तो आप उन चीज़ों पर पैसा बनाने के लिए क्लिकबैंक का लाभ ले सकते हैं जो आप करते हैं क्लिकबैंक का उपयोग करके उन वस्तुओं की समीक्षा देकर, जिन्हें आप क्लिकबैंक का उपयोग करना चाहते हैं, आप लोगों के लिए जगह बना रहे हैं ताकि वे यह जान सकें कि उनका पैसा कैसे खर्च किया जाना चाहिए। इस रणनीति में सफलता की कुंजी, वास्तविक समीक्षाएं तैयार कर रही है जो पाठकों के साथ विश्वास पैदा कर सकती है।
अपनी कार्य करने की आदतो के बारे में ईमानदार रहे। क्या आप स्वयं शुरुआत कर रहे है, क्या टेबल पर बैठ कर लगातार कार्य करने के लिए उचित स्वप्रेरित है, और बिना बॉस के होते हुए भी कार्य जो लगातार रख सकते है, क्या आपका ध्यान फोन, बच्चों, या वातावरण द्वारा आसानी से भंग हो जाता हैं? ऑनलाइन कार्य करते हुए आपकी लक्ष्यप्राप्ति के लिए अत्यधिक स्वप्रेरित होने की आवश्यकता होती हैं।
ग्वालियर के एक छात्र को असम के तेजपुर में सेंटर दिया गया है. बिहार के खगड़िया के छात्र को 1,700 किलोमीटर दूर आंध्र प्रदेश के राजामुंदरी में सेंटर दिया गया है. खगड़िया से एक भी ट्रेन वहां नहीं जाती है. जोधपुर के छात्र को 2,000 किलोमीटर दूर ओडिशा के राउरकेला भेजा गया है. 35 घंटे की यात्रा है और दूरी 2,000 किलोमीटर की. इस छात्र ने रेलमंत्री को ट्वीट किया है कि किसी ट्रेन में टिकट भी नहीं है. बंगाल के छात्र को तमिलनाडु के तिरुनेल्वेली सेंटर दिया गया है. ट्रेन में टिकट नहीं है. पश्चिम बंगाल के छात्र का सेंटर मुंबई दिया गया है. झांसी का छात्र हैदराबाद जाए और पश्चिम बंगाल का पुणे. पटना के मनीष को केरल के एरनाकुलम जाना होगा. जयपुर के छात्र को कोलकाता जाना होगा. गंगासागर के मेले के कारण कोलकाता जाने वाली ट्रेन में टिकट नहीं है. बंगाल के मुर्शिदाबाद का छात्र बेंगलुरू कैसे जाएगा. रेलमंत्री खुद अपनी टाइमलाइन पर यह सब देख सकते हैं.
रेलमंत्री को अगर यह हिसाब तब भी समझ नहीं आता है, तो एक छात्र ने जो हिसाब भेजा है, वह दे देता हूं. बीकानेर से नागपुर जाने के लिए एक ही ट्रेन है, अणुव्रत एक्सप्रेस, जो हफ्ते में एक-दो दिन ही चलती है. एक तरफ से 26 घंटे का सफर है. दोनों तरफ का किराया मिलाकर टिकट पर सिर्फ 3,240 रुपये खर्च होंगे. 23 जनवरी को पहुंचने के लिए उसे 20 जनवरी को निकलना पड़ेगा, वापसी की ट्रेन 23 और 24 की नहीं है, तो नागपुर में दो दिन रुकना भी पड़ेगा. इस तरह एक परीक्षा देने में उसे सात दिन लगेंगे. 10,000 से अधिक रुपये खर्च हो जाएंगे. रेलमंत्री जी बताएं, एक छात्र को प्रयागराज से कर्नाटक के हुबली भेजने का क्या मतलब. 32 घंटे का सफर तय करना पड़ेगा. वह भी तब, जब आपकी ट्रेन समय से चली, जो चलती नहीं. राजस्थान के गंगानगर से किसी को केरल के कोच्चि में भेजने का क्या मतलब है. क्या इसी को ऑनलाइन इम्तिहान कहते हैं...?

आजकल हर व्यक्ति के पास Smartphone और Internet की सुविधा उपलब्ध है। पिछले कुछ साल से भारत में इंटरनेट users की संख्या अत्यधिक तेजी से बढ़ी है। इसलिए लोगों में यह जानने की इच्छा अत्यधिक है, की इंटरनेट से ऑनलाइन पैसे कैसे कमाए जाते हैं इसलिए वह Search करते हैं की How to Earn Money from internet in hindi?, घर बैठे इंटरनेट से पैसे कैसे कमाएँ, गूगल से पैसे कैसे कमाएँ, इंटरनेट से पैसे कैसे कमाएँ, इस पोस्ट में आपको इन सभी सवालों के जवाब आसानी से मिल जाएंगे इसलिए आप इस पोस्ट को पूरा पढ़ें।

ग्वालियर के एक छात्र को असम के तेजपुर में सेंटर दिया गया है. बिहार के खगड़िया के छात्र को 1,700 किलोमीटर दूर आंध्र प्रदेश के राजामुंदरी में सेंटर दिया गया है. खगड़िया से एक भी ट्रेन वहां नहीं जाती है. जोधपुर के छात्र को 2,000 किलोमीटर दूर ओडिशा के राउरकेला भेजा गया है. 35 घंटे की यात्रा है और दूरी 2,000 किलोमीटर की. इस छात्र ने रेलमंत्री को ट्वीट किया है कि किसी ट्रेन में टिकट भी नहीं है. बंगाल के छात्र को तमिलनाडु के तिरुनेल्वेली सेंटर दिया गया है. ट्रेन में टिकट नहीं है. पश्चिम बंगाल के छात्र का सेंटर मुंबई दिया गया है. झांसी का छात्र हैदराबाद जाए और पश्चिम बंगाल का पुणे. पटना के मनीष को केरल के एरनाकुलम जाना होगा. जयपुर के छात्र को कोलकाता जाना होगा. गंगासागर के मेले के कारण कोलकाता जाने वाली ट्रेन में टिकट नहीं है. बंगाल के मुर्शिदाबाद का छात्र बेंगलुरू कैसे जाएगा. रेलमंत्री खुद अपनी टाइमलाइन पर यह सब देख सकते हैं.

आज कल ऑनलाइन पढ़ाने का ट्रेंड जोरों पर है. यदि आप भी पढ़ाने का शौक रखते हैं और खाली समय या फिर प्रोफेशनली ऐसा कर सकते हैं तो ऑनलाइन कोचिंग सेंटर खोला जा सकता है. इसके जरिए स्टूडेंट को पढ़ाने से लेकर पैरेंट्स के सवालों तक सभी कुछ ऑनलाइन सजेस्ट कर सकते हैं. इसके लिए ट्रेनिंग कोर्स इंटरनेट पर मौजूद है. इस बारे में पता करें और घर बठे ऑनलाइन पढ़ाकर पैसा कमाएं.
वेबिनार (webinar) मार्केटिंग करें: यह साधारण ऑनलाइन सेमिनार मार्केटिंग हैं – वहीँ यह असल सेमिनार बनाने से काफी सस्ता हैं और इसे बार बार करने की जरूरत भी नहीं होती हैं। यदि किसी विषय के बारे में आपको लिखने का अधिकार हैं जिनके बारे में लोग आपको कीमत चुका कर सीखना चाहते है, पेशेवर जगह पर आप खुद को विषय के बारे में बताते हुए रिकॉर्ड करे (परंपरागत रूप से किसी कॉन्फ्रेंस कमरे में, जो आपके विषय पर निर्भर करता है) इसे अपनी वेबसाइट पर लगाएँ और विज्ञापन करें।
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