भारत दुनिया का अनोखा देश हैं, जहां रेलवे की ऑनलाइन परीक्षा देने के लिए किसी को 26 घंटे की रेलयात्रा करनी पड़ती है. इस महीने 21, 22 और 23 जनवरी को सहायक लोको पायलट और टेक्नीशियन के 64,317 पदों के लिए दूसरे चरण की परीक्षा होनी है. 10 दिन पहले छात्रों के सेंटरों की लिस्ट जारी की गई है. छात्रों के सेंटर 1,500 से 2,000 किलोमीटर दूर दिए गए हैं. प्रधानमंत्री के ट्वीट को री-ट्वीट करने में व्यस्त रेलमंत्री को अपनी ही टाइमलाइन पर आ रहे ऐसे अनेक मैसेजों को नोट करना चाहिए और समाधान करना चाहिए. बहुत से साधारण और किसान परिवारों के छात्रों के सामने संकट आ गया है कि इम्तिहान देने के लिए वे 10,000-20,000 रुपये कहां से ख़र्च करें.

हालांकि, एक उपभोक्ता को सलाह दी जाती है कि, तथ्य की बात के रूप में, अत्यधिक अनुशंसा की जाती है कि वह तुरंत उसकी पेशकश को वापस न दें। इसका कारण यह है कि ज्यादातर प्रस्तावित प्रस्ताव उन्हें असली धन अर्जित करने में सक्षम हैं। इसके अतिरिक्त, उन अधिकांश साइटों को जिन पर पंजीकरण की आवश्यकता होती है, नौकरी के लिए सबसे स्थिर ऑनलाइन साइटों में से एक माना जाता है इस प्रकार, ऑनलाइन पैसा बनाने से पहले, ऑनलाइन ऑनलाइन समीक्षाओं के माध्यम से पढ़ने के लिए बेहतर है

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अगस्त, 2018 में खुद रेलमंत्री पीयूष गोयल ने ही ट्वीट किया था कि 74 फीसदी छात्र परीक्षा में शामिल हुए. यानी 47.56 लाख छात्रों में से 26 प्रतिशत परीक्षा देने से वंचित रह गए. इस तरह बिना इम्तिहान दिए ही 12 लाख से अधिक छात्र बाहर हो गए. जब पहले चरण की परीक्षा का रिज़ल्ट आया, तो 12 लाख छात्र ही दूसरे चरण के लिए चुने गए. अब जब संख्या छोटी हो गई, तो इनके सेंटर तो राज्य के भीतर दिए जा सकते थे. अगर नकल गिरोह से बचाने का तर्क है, तो यह बेतुका है, क्योंकि आजकल ऐसे गिरोह अखिल भारतीय स्तर पर चल रहे हैं, इसलिए सरकार को अपने सेंटर की निगरानी बेहतर करनी चाहिए, न कि छात्रों को 2,000 किलोमीटर दूर भेजकर परेशान करना चाहिए.
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एजुकेशन के लिए साल 2017 खास बदलावों के नाम रहा। शिक्षा विभाग से लेकर शहर के विभिन्न शैक्षिक संस्थानों में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए काफी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। माध्यमिक शिक्षा विभाग में ऑनलाइन केंद्र बनाने का निर्णय लिया गया तो सारी प्रतियोगी परीक्षाओं में आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया। वहीं छात्रों की शिकायत के निस्तारण के लिए विशेष कॉल सेंटर खोलने पर भी मुहर लगाई गई। इस साल 2017 में शिक्षा में बदलाव के लिए हुए प्रयासों पर विशेष रिपोर्ट:
ऑनलाइन रहस्यमयी खरीददार बने (mystery shopper): बहुत से लोगो ने असल दुनिया में रहस्यमयी खरीददार के बारे में सुना होगा, लेकिन ऑनलाइन खरीददारी में भी अब यह तेजी से बढ़ने लगा है, जिन्हें ऑनलाइन ख़रीददारी करने के लिए भेजा जाता है। यदि आप इसमें नयी शुरुआत ही कर रहे हैं, तो आपको खरीददारी के लिए लगने वाली कीमत के लिए तैयार रहना होगा, क्षतिपूर्ति के लिए आपका योग्य रहस्यमयी खरीददार होना जरुरी हैं।
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