एफिलिएट मार्केटिंग – अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसी लगभग हर ई-कॉमर्स कंपनी अपना एफिलिएटेड प्रोग्राम चलाती है। एफिलिएट मार्केटिंग में अपने ब्लॉग, वेबसाइट जैसे ऑनलाइन स्थानों पर विभिन्न प्रकार के प्रोडक्ट्स को प्रमोट करना होता है। ऐसा करने के बाद, जब भी कोई यूजर आपके द्वारा प्रमोट किये गए लिंक पर क्लिक करके कोई प्रोडक्ट खरीदता है तो उस प्रोडक्ट के मूल्य का कुछ प्रतिशत आपको कमीशन के रूप में मिल जाता है|
मई 2016 में उनकी कोशिशें रंग लाईं और स्टार्टअप को गूगल के एक प्रोग्राम के तहत छह महीने की मेंटरशिप मिली। इडिकुला के लिए यह सपना सच होने जैसा था। उन्हें लगता है कि एक ऑनलाइन वेंचर शुरू करने का फैसला सही था, जहां विज्ञापनों से कमाई की काफी संभावनाएं हैं। ऑनलाइन टेक्नॉलजी-इनेबल्ड एक्सपेरिमेंटल लर्निंग प्लेटफॉर्म टैलंटस्प्रिंट के सीईओ और एमडी शांतनु पॉल बताते हैं कि ऑनलाइन जॉब्स या बिजनस आइडियाज स्टूडेंट्स की स्टडी के एरिया, इंटरेस्ट और एक्सपर्टाइज के हिसाब से उपलब्ध हैं। पॉल के मुताबिक, 'ऑनलाइन काम भारतीय छात्रों के लिए अहम है। जॉब मार्केट में अपनी रोजगार योग्यता और आकर्षण बढ़ाने का अहम जरिया है। इससे आपको अपने पैरों पर खड़ा होने का मौका मिलता है।'
एलयू में इंजिनियरिंग फैकल्टी की शुरुआतलखनऊ विश्वविद्यालय (एलयू) ने छात्रों को विभागों के चक्कर न लगाने पड़े, इसके लिए यूनीक आईडी पोर्टल योजना की शुरुआत की। अब छात्रों को इस पोर्टल की सहायता से एक लॉग इन से सारी जानकारी मिलेगी। इसके अलावा शिकायत के लिए भी पोर्टल लॉन्च किया गया। एलयू में इंजिनियरिंग फैकल्टी की भी शुरुआत की गई, जिसकी पहली ही काउंसलिंग में सीटें भी फुल हो गईं। छात्रों को दीक्षांत में सिक्यॉरिटी फीचर वाली डिग्री और मार्कशीट दी गई। वहीं बीएलईडी का नया कोर्स भी सम्बद्ध कॉलेजों में शुरू किया गया।
रेलमंत्री को अगर यह हिसाब तब भी समझ नहीं आता है, तो एक छात्र ने जो हिसाब भेजा है, वह दे देता हूं. बीकानेर से नागपुर जाने के लिए एक ही ट्रेन है, अणुव्रत एक्सप्रेस, जो हफ्ते में एक-दो दिन ही चलती है. एक तरफ से 26 घंटे का सफर है. दोनों तरफ का किराया मिलाकर टिकट पर सिर्फ 3,240 रुपये खर्च होंगे. 23 जनवरी को पहुंचने के लिए उसे 20 जनवरी को निकलना पड़ेगा, वापसी की ट्रेन 23 और 24 की नहीं है, तो नागपुर में दो दिन रुकना भी पड़ेगा. इस तरह एक परीक्षा देने में उसे सात दिन लगेंगे. 10,000 से अधिक रुपये खर्च हो जाएंगे. रेलमंत्री जी बताएं, एक छात्र को प्रयागराज से कर्नाटक के हुबली भेजने का क्या मतलब. 32 घंटे का सफर तय करना पड़ेगा. वह भी तब, जब आपकी ट्रेन समय से चली, जो चलती नहीं. राजस्थान के गंगानगर से किसी को केरल के कोच्चि में भेजने का क्या मतलब है. क्या इसी को ऑनलाइन इम्तिहान कहते हैं...?
 केप्चा एंट्री सबसे बेहतरीन ऑनलाइन जॉब है। आप अगर ऑनलाइन डाटा एंट्री जॉब की खोज में हैं तो केप्चा एंट्री आपके लिए सबसे बेहतरीन जॉब है। आज के समय में आप केप्चा से परिचित तो होंगे ही। ऐसी कई कंपनियां हैं जिनको हजारों वेबसाइट में लाखों अकाउंट की जरुरत पड़ती है, वो कंपनियां एकाउंटिंग क्रिएटिंग सॉफ्टवेर की मदद लेती हैं। लेकिन केप्चा इमेजेज उनको इन साइट्स में आटोमेटिक अकाउंट बनाने से रोकते हैं। आज के समय में केप्चा एंट्री वर्कर की डिमांड बहुत ही जादा है। आप 1 से 2 घंटे में 1000 केप्चा सोल्व कर सकते हैं, यह आपके ऊपर निर्भर करता है।  आपको 1000 केप्चा सोल्व करने के बदले 1 डॉलर या 2 डॉलर कमा सकते हैं, आप ऐसे ही 3-4 साइट्स पर काम कर सकते हैं, और प्रतिमाह 10000 से 15000 रूपए कमा सकते हैं।

हाल ही में रेलमंत्री ने अपने ट्विटर हैंडल पर रोज़गार से संबंधित एक प्रचार वीडियो जारी किया, जिसकी भाषा से लगता है कि रेलवे ने एक लाख लोगों को रोज़गार दे ही दिया है. सहायक लोको पायलट और टेक्नीशियन के लिए फॉर्म भरने की अंतिम तारीख 31 मार्च, 2018 थी. इसके चार महीने बाद 9 से 13 अगस्त, 2018 के बीच पहली परीक्षा होती है. इस परीक्षा का रिज़ल्ट निकलता है 20 दिसंबर, 2018 को, यानी साढ़े तीन महीने बाद. अब दूसरे चरण की परीक्षा 21, 22, 23 जनवरी, 2019 को होगी. अगर साढ़े तीन महीने का औसत निकालें, तो रिज़ल्ट आते-आते मई, 2019 हो जाएगा. उस समय देश में लोकसभा का चुनाव हो रहा होगा. मई 2019 में रिज़ल्ट आ भी जाएगा, तो अभी मनोवैज्ञानिक और मेडिकल जांच बाकी है. उसके बाद दस्तावेज़ का सत्यापन होगा. कुल मिलाकर अगस्त, 2019 से पहले अंतिम रिज़ल्ट आने की संभावना नहीं है. इनकी ज्वाइनिंग कब होगी, यह तो रेलमंत्री ही जानें. बशर्ते, उन्हें यही पता हो कि अगली बार भी वही रेलमंत्री बनेंगे या नहीं.
इसके अलावा, विज्ञापन की नौकरी भी हो सकती है जो कि शुरुआत और ऑनलाइन कैरियर को छलांग लगाने का एक अच्छा तरीका हो सकती है। वे फ्रीलान्स प्रकार की नौकरियां हैं जो आप शुरू कर सकते हैं वे आपको किसी विशिष्ट समय की स्टाम्प में लॉग इन करने की आवश्यकता नहीं करते हैं, आप किसी भी समय बिना नियत समय पर ब्रेक के लिए जा सकते हैं, और आप एक मालिक के साथ काम नहीं करते हैं जो हमेशा आपकी पीठ के पीछे छिपता रहता है और आपके हर कदम को देख रहा है। आमतौर पर, आप अपनी गति से काम करते हैं
बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर विवि (बीबीएयू) में वीसी प्रो. आरसी सोबती का ड्रीम प्रॉजेक्ट आंबेडकर भवन का निर्माण कार्य तीन साल के बाद पूरा हुआ। साथ ही कई साल से खाली पड़े पदों पर भर्तियां भी करवाई गईं। छात्रों को वाई-फाई की सुविधा भी इसी साल मिली। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) में इस साल से छात्रों की शिकायत के निवारण के लिए कॉल सेंटर बनाने पर मुहर लगी। ऐसे में यह यूपी का पहला विवि भी बना जहां छात्रों की शिकायतों के लिए कॉल सेंटर बनाया गया। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती अरबी-फारसी विश्वविद्यालय में जहां इस साल नए वीसी आए तो वहीं पीएचडी के दाखिलों को भी हरी झंडी मिली। इसी साल यहां की कार्यपरिषद भी शुरू हुई।
यद्यपि वैश्विक बाजार इतनी ऊचाईयों पर भी नहीं पहुँचा है कि लोग अपने कार्यालय पहुँचने के लिए निजी छोटे स्पेसशिप का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन हाँ इसमें इतना परिवर्तन जरूर आ गया हैं कि कर्मचारियों को अपने स्वयं के कंप्यूटर और घर के आराम को नही छोड़ना पड़ता हैं। नीचे आप ऑनलाइन पैसे कमाने के तरीके और ऑनलाइन विश्व में सफलता प्राप्त करने के लिए जरुरी सामान्य सलाहें देखेंगे।
×