ग्वालियर के एक छात्र को असम के तेजपुर में सेंटर दिया गया है. बिहार के खगड़िया के छात्र को 1,700 किलोमीटर दूर आंध्र प्रदेश के राजामुंदरी में सेंटर दिया गया है. खगड़िया से एक भी ट्रेन वहां नहीं जाती है. जोधपुर के छात्र को 2,000 किलोमीटर दूर ओडिशा के राउरकेला भेजा गया है. 35 घंटे की यात्रा है और दूरी 2,000 किलोमीटर की. इस छात्र ने रेलमंत्री को ट्वीट किया है कि किसी ट्रेन में टिकट भी नहीं है. बंगाल के छात्र को तमिलनाडु के तिरुनेल्वेली सेंटर दिया गया है. ट्रेन में टिकट नहीं है. पश्चिम बंगाल के छात्र का सेंटर मुंबई दिया गया है. झांसी का छात्र हैदराबाद जाए और पश्चिम बंगाल का पुणे. पटना के मनीष को केरल के एरनाकुलम जाना होगा. जयपुर के छात्र को कोलकाता जाना होगा. गंगासागर के मेले के कारण कोलकाता जाने वाली ट्रेन में टिकट नहीं है. बंगाल के मुर्शिदाबाद का छात्र बेंगलुरू कैसे जाएगा. रेलमंत्री खुद अपनी टाइमलाइन पर यह सब देख सकते हैं.
यद्यपि वैश्विक बाजार इतनी ऊचाईयों पर भी नहीं पहुँचा है कि लोग अपने कार्यालय पहुँचने के लिए निजी छोटे स्पेसशिप का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन हाँ इसमें इतना परिवर्तन जरूर आ गया हैं कि कर्मचारियों को अपने स्वयं के कंप्यूटर और घर के आराम को नही छोड़ना पड़ता हैं। नीचे आप ऑनलाइन पैसे कमाने के तरीके और ऑनलाइन विश्व में सफलता प्राप्त करने के लिए जरुरी सामान्य सलाहें देखेंगे।
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